छत्तीसगढ़

9 महीने बाद कार्रवाई पर कलेक्टर नाराज, BEO और CAC को शोकॉज नोटिस

Shantanu Roy
28 Oct 2026 8:21 PM IST
9 महीने बाद कार्रवाई पर कलेक्टर नाराज, BEO और CAC को शोकॉज नोटिस
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छग
Surguja. सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में गंभीर आपराधिक मामलों में जेल जा चुके तीन सरकारी शिक्षकों के खिलाफ देरी से विभागीय कार्रवाई किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। तीनों शिक्षकों के लंबे समय तक जेल में रहने के बावजूद शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को समय पर जानकारी नहीं दिए जाने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने नाराजगी जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से जवाब मांगा। इसके बाद डीईओ ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और संकुल
अकादमिक समन्वयक
(CAC) को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता परवेज आलम गांधी ने तीनों शिक्षकों को बर्खास्त करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

9 महीने जेल में रहा प्रधान पाठक, कार्रवाई में देरी पर सवाल
जानकारी के अनुसार, उदयपुर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला पेण्डरखी में पदस्थ प्रधान पाठक विजय कुमार यादव के खिलाफ वर्ष 2019 में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में न्यायालय ने 3 जनवरी 2026 को दोषसिद्धि के बाद पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद विजय कुमार यादव को जेल भेज दिया गया। वह 3 जनवरी से 9 अक्टूबर 2026 तक लगभग नौ महीने जेल में रहे। बाद में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में अपील के दौरान जमानत मिलने पर उनकी रिहाई हुई। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 22 अक्टूबर को उनके निलंबन का आदेश जारी किया। विभाग ने जेल अवधि से निलंबन प्रभावी माना है।

सामाजिक कार्यकर्ता ने कलेक्टर से की शिकायत
सामाजिक कार्यकर्ता परवेज आलम गांधी ने कलेक्टर अजीत वसंत को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विजय कुमार यादव के खिलाफ वर्ष 2019 में आपराधिक मामला दर्ज होने और बाद में सजा मिलने के बावजूद विभागीय कार्रवाई समय पर नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शिक्षक लंबे समय तक जेल में था, तब संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही या जानकारी छिपाए जाने के कारण कार्रवाई में देरी हुई। हालांकि, इन आरोपों की विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

73 दिन और 37 दिन जेल में रहे दो अन्य शिक्षक
इसी तरह उदयपुर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला कटघोरिया पारा में पदस्थ प्रधान पाठक राजकुमार के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। उपलब्ध विभागीय रिपोर्टों में उनका नाम राजकुमार पैकरा बताया गया है। वह 20 जुलाई से 1 अक्टूबर 2026 तक लगभग 73 दिन न्यायिक अभिरक्षा में रहे। वहीं, शासकीय प्राथमिक शाला जरहाडीह में पदस्थ सहायक शिक्षक त्रिपाल टोप्पो 31 अगस्त से 6 अक्टूबर 2026 तक करीब 37 दिन न्यायिक अभिरक्षा में रहे। इन दोनों के खिलाफ वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी से जुड़े आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी है। दोनों की गिरफ्तारी अवधि से प्रभावी निलंबन आदेश जारी किए गए हैं।

कलेक्टर की नाराजगी के बाद BEO और CAC को नोटिस
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मामला सामने आने के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने जिला शिक्षा अधिकारी से नाराजगी जताई। इसके बाद डीईओ ने संबंधित बीईओ और सीएसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी मांगी है। अब जांच में यह स्पष्ट करना होगा कि शिक्षकों के जेल जाने की सूचना संबंधित अधिकारियों को कब मिली और सूचना मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई।

निलंबन के बजाय बर्खास्तगी की मांग, भत्ते पर भी सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता परवेज आलम गांधी ने मांग की है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने निलंबित शिक्षकों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने के निर्णय पर सवाल उठाया है। हालांकि, निलंबन अवधि में भत्ते की पात्रता और सेवा समाप्ति का फैसला संबंधित सेवा नियमों तथा न्यायिक स्थिति के आधार पर होता है। फिलहाल तीनों शिक्षकों के निलंबन की पुष्टि हुई है, जबकि बर्खास्तगी संबंधी किसी नए आदेश की जानकारी सामने नहीं आई है।

शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस मामले ने सरगुजा शिक्षा विभाग की सूचना प्रणाली और विभागीय निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीनों शिक्षकों के लंबे समय तक न्यायिक अभिरक्षा में रहने और निलंबन आदेश जारी होने के बीच के अंतराल की जांच अब महत्वपूर्ण हो गई है। बीईओ और सीएसी के जवाब मिलने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में किस स्तर पर प्रशासनिक चूक हुई और आगे किन अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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